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नशा मुक्त युवा- विकसित भारत का भविष्य-ललित जोशी

नशा मुक्त युवा- विकसित भारत का भविष्य-ललित जोशी 

हिम उत्तराखंड न्यूज संपादक 

आईआईटी रुकड़ी में 40 विद्यालयों के 2500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों ने लिया नशा मुक्त भारत का संकल्प

 

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस (National Technology Day) के अवसर पर यूकॉस्ट (UCOST) एवं लक्ष्य सोसाइटी द्वारा आईआईटी रुड़की में आयोजित कार्यक्रम में 40 विद्यालयों के 2500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने “नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त उत्तराखंड” बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों एवं प्रौद्योगिकीविदों की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नवाचार और तकनीकी विकास के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। साथ ही आईआईटी रुड़की को इनोवेशन एवं शोध कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस उन वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने भारत को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने तथा नए नवाचारों के लिए प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण उत्तराखण्ड के सदस्य एवं शिक्षाविद एडवोकेट ललित मोहन जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस अब केवल रक्षा या परमाणु क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। आज यह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, स्पेस टेक्नोलॉजी, चंद्रयान-मंगलयान मिशनों तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का प्रतीक बन चुका है।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं का नशे और अन्य व्यसनों से दूर रहना अत्यंत आवश्यक है। आज का विद्यार्थी तभी सफल इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक, कलाकार, शिक्षक, व्यवसायी, खिलाड़ी, लेखक या सामाजिक कार्यकर्ता बन सकता है, जब वह स्वयं को सभी प्रकार के नशे और व्यसनों से दूर रखे। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी हरिद्वार नरेश कुमार, लक्ष्य सोसाइटी की सचिव मीनाक्षी असवाल, शिक्षाविद किशन असवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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