
उखीमठ में समय रहते हस्तक्षेप कर प्रशासन और पुलिस ने एक नाबालिग के भविष्य को गंभीर जोखिम से बचाया।
हिम उत्तराखंड न्यूज संपादक
भारत में बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे मामलों में प्रशासन, पुलिस, बाल विकास विभाग और समाज की सतर्कता बहुत जरूरी है।
विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात:
नाबालिग लड़कियों की शादी कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
कई मामलों में नाबालिग लड़की के साथ वैवाहिक संबंध भी POCSO Act के तहत अपराध माना जा सकता है।
समय पर सूचना देना किसी बच्चे की जिंदगी बदल सकता है।
यह सिर्फ एक शादी रुकवाने का मामला नहीं, बल्कि एक बच्चे के अधिकारों और भविष्य की रक्षा का उदाहरण है।



