उत्तराखंडदेश

आसान नहीं बद्रीनाथ-केदारनाथ की डगर, एनएच की कार्य प्रणाली पर फिर सवाल

आसान नहीं बद्रीनाथ-केदारनाथ की डगर, एनएच की कार्य प्रणाली पर फिर सवाल

हिम उत्तराखंड न्यूज संपादक 

रुद्रप्रयाग/चमोली। चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे की हालत एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। जगह-जगह सड़क निर्माण कार्य, अधूरी मरम्मत और बार-बार लगने वाले जाम ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

वहीं, आज 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं, जबकि 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं। ऐसे में यात्रा अपने चरम की ओर बढ़ रही है, लेकिन सड़क व्यवस्थाओं की मौजूदा स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है।

यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क चौड़ीकरण और कटिंग का काम जारी है, लेकिन सुरक्षा मानकों और समयबद्धता की कमी साफ नजर आ रही है। कई जगहों पर मलबा सड़क पर ही पड़ा है, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। बारिश या हल्की भूस्खलन की स्थिति में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा सीजन शुरू होने से पहले ही सड़क की स्थिति को पूरी तरह दुरुस्त किया जाना चाहिए था, लेकिन अधूरे काम के चलते उन्हें घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। खासतौर पर रुद्रप्रयाग से केदारनाथ और जोशीमठ से बद्रीनाथ के बीच कई संवेदनशील स्थानों पर जोखिम बना हुआ है।

वहीं प्रशासन का दावा है कि यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य में तेजी लाई जाए और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो चारधाम यात्रा के चरम पर हालात और बिगड़ सकते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एनएच की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी हो गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button