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जड़ी-बूटी की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

जड़ी-बूटी की खेती से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

(हिम उत्तराखंड न्यूज ब्यूरो)

धारकोट में शैक्षणिक भ्रमण आयोजित

श्रीनगर। गढ़वाल विवि के हैप्रेक संस्थान और उद्योगिनी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला शनिवार को शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के साथ सम्पन्न हो गई। जड़ी-बूटी के माध्यम से किसानों की आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यशाला के प्रतिभागियों ने कीर्तिनगर ब्लॉक के धारकोट गांव का भ्रमण किया।

हैप्रेक संस्थान के निदेशक डॉ विजयकांत पुरोहित के दिशा-निर्देशन में जड़ी-बूटी की खेती से जुड़े ब्लॉक समन्वयकों ने धारकोट में औषधीय पौधों की खेती कर रहे किसानों से मुलाकात कर उनके अनुभवों को जाना। इस दौरान उद्योगिनी संस्था से आए समन्वयकों ने विशेषज्ञों से जड़ी-बूटी के कृषिकरण की विभिन्न विधियों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही खेती के दौरान आने वाली चुनौतियों, उत्पादन बढ़ाने के उपायों और बेहतर प्रबंधन के विषय में भी चर्चा की गई।

कार्यक्रम में बलूनी कंपनी के नीरज बलूनी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में औषधीय पौधों की खेती किसानों के लिए आय का एक बेहतर विकल्प बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि जड़ी-बूटी की खेती को संगठित ढंग से किया जाए और उचित विपणन व्यवस्था उपलब्ध हो, तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

इस अवसर पर जड़ी-बूटियों के विपणन की संभावनाओं और बाजार उपलब्धता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को जड़ी-बूटी की वैज्ञानिक खेती, संरक्षण और प्रसंस्करण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

हैप्रेक संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ सुदीप सेमवाल ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के भ्रमण और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान जड़ी-बूटी की खेती से जुड़कर अपनी आजीविका को सशक्त बना सकें।

इस मौके पर उद्योगिनी संस्था के प्रबंधक शिवम पंत, मनीष पंवार के साथ ही हैप्रेक संस्थान के डॉ राजीव वशिष्ठ, डॉ प्रदीप डोभाल, डॉ जयदेव चौहान, देवेश जंगपांगी, शुभम भट्ट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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