
प्रदेश में दो डिग्री कालेजों का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा
उत्तराखंड बजट सत्र, प्रश्नकाल में धन सिंह पर हुई सवालों की बौछार, मंत्री ने दिए जवाब
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत के विभागों से जुड़े कई मुद्दे सदन में उठे. स्वास्थ्य सेवाओं, गोल्डन कार्ड, कैंसर अस्पताल, खाद्य पदार्थों में मिलावट और शिक्षा विभाग की योजनाओं पर विधायकों ने सवाल किए गए।
इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सत्ता और विपक्ष के विधायकों ने सवाल पूछे, जिनका मंत्री ने जवाब दिया. सबसे पहले अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों की पेंशन और गोल्डन कार्ड योजना को लेकर सवाल उठाया। इस पर स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने गोल्डन कार्ड योजना के लाभार्थियों के आंकड़े सदन के सामने रखे।
विपक्ष की ओर से पूछा गया कि गोल्डन कार्ड योजना में कर्मचारियों का कितना भुगतान बाकी है। मंत्री ने जवाब दिया कि करीब 37 हजार कर्मचारियों के लगभग 168 करोड़ रुपये की पेंडेंसी है वहीं डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने देहरादून में बन रहे कैंसर अस्पताल को लेकर सवाल किया।
प्रदेश में दो डिग्री कालेजों का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाएगा। सदन में नियम 58 के तहत सूचना पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसकी जानकारी दी। सदन में तिलकराज बेहड़ ने कहा, राज्य में 118 राजकीय महाविद्यालय हैं, लेकिन एक भी महाविद्यालय का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर नहीं है। किच्छा महाविद्यालय का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखा जाए। इस पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, सरकार ने महापुरुषों के नाम पर कई महाविद्यालयों का नाम रखा है। जनभावना के अनुरूप नाम रखा जाता है, इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में समिति गठित होती है। जो इसके लिए सिफारिश करती है। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि महाविद्यालयों का नाम महापुरुषों के नाम पर रखे जाने की रिपोर्ट आने पर अगली कार्रवाई की जाएगी। भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने कहा, गुलरभोज व अन्य क्षेत्रों में वर्षों से बसे लोगों को जमीन पर मालिकाना हक दिया जाए। मो. शहजाद ने कहा, क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को उठाया।



