
🟨 चमोली/जोशीमठ (हिम उत्तराखंड न्यूज़):
विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच पहाड़ के दूरस्थ गांवों की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। जोशीमठ ब्लॉक के डुमक गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने एक बुजुर्ग महिला की जान जोखिम में डाल दी।
मिली जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय जशोदा देवी की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। गांव में सड़क और तत्काल चिकित्सा सुविधा न होने के कारण उन्हें अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो गया। ऐसे में ग्रामीणों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए डंडी-कंडी के सहारे उन्हें करीब 8 किलोमीटर लंबे दुर्गम और खतरनाक रास्ते से मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
इसके बाद महिला को वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोपेश्वर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
🟧 सालों से अधूरी सड़क की मांग
डुमक गांव के लोग लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। कई बार प्रदर्शन और गुहार के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
🟦 बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हर बार ऐसी घटनाएं विकास के दावों की हकीकत उजागर कर देती हैं।
🟥 प्रशासन से फिर उठी मांग
स्थानीय लोगों ने एक बार फिर प्रशासन से गांव तक सड़क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
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