भिकोना में भालू ने गौशाला तोड़कर बैल को मार डाला, जनप्रतिनिधियों का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू

भिकोना में भालू ने गौशाला तोड़कर बैल को मार डाला, जनप्रतिनिधियों का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू
हिम उत्तराखंड न्यूज संपादक 
चंद्रशिला पट्टी में भालू का आतंक जारी, वन विभाग के खिलाफ बढ़ा आक्रोश; भालू को पकड़ने की मांग पर अड़े जनप्रतिनिधि,
पोखरी। विकासखंड पोखरी के ग्रामीण क्षेत्रों में भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चंद्रशिला पट्टी में लगातार भालू के हमलों से ग्रामीणों और पशुपालकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। रविवार रात भिकोना गांव में भालू ने दर्शन सिंह की गौशाला तोड़कर उनके बैल को मार डाला। लगातार हो रहे हमलों और वन विभाग की कार्रवाई से असंतुष्ट क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
चंद्रशिला पट्टी में पिछले कुछ दिनों से भालू लगातार गौशालाओं को निशाना बनाकर मवेशियों को मार रहा है। बंगथल गांव में भगत लाल की गौशाला तोड़कर भालू ने एक बैल को मार डाला, जबकि दूसरे बैल को घायल कर दिया। इसी गांव में सुरेंद्र सिंह नेगी की गौशाला तोड़कर गाय को घायल कर दिया। इससे दो दिन पूर्व दिलबर सिंह नेगी की गौशाला तोड़कर उनकी दुधारू गाय को मार डाला था।
इससे पहले डुगर गांव में राजेंद्र सिंह नेगी की दुधारू गाय, किमोठा में इंदू देवी किमोठी की दुधारू गाय तथा कांडई चंद्रशिला में संजय किमोठी की दुधारू गाय को भालू मार चुका है। कांडई चंद्रशिला में ही कलावती देवी के बैल को घायल कर दिया था। जौरासी गांव में शिवलाल के बैल को भी भालू ने मार डाला था। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और वन विभाग के प्रति उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है।भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील परिसर में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे जनप्रतिनिधियों ने तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर मांग की कि भालू को पकड़कर क्षेत्रीय जनता को भालू और अन्य जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाई जाए।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि जब तक भालू को पकड़ने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका क्रमिक अनशन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और वन विभाग की होगी।
अनशन पर बैठे किमोठा के ग्राम प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, विधायक प्रतिनिधि धीरेन्द्र सिंह राणा एडवोकेट और श्रवण सती, तरुण बिष्ट, नंदन रिणा, प्रदीप नेगी, मनवर बासकंडी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यदि वन विभाग और शासन-प्रशासन ने भालू के हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो क्षेत्रीय जनता के साथ बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ने को विवश होंगे।धरना स्थल पर पहुंचकर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कपिल गुसाईं और वन दरोगा प्रकाश कंडारी ने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि भालू को रेस्क्यू करने, पिंजरा लगाने और ट्रैंकुलाइज करने के लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जाएगी।वहीं, उप प्रभागीय वनाधिकारी मोहन सिंह ने वन दरोगा आनंद सिंह रावत सहित अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ भिकोना गांव पहुंचकर ड्रोन के माध्यम से भालू की लोकेशन, गतिविधियों और आवास का पता लगाने का प्रयास किया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि विभाग भालू और अन्य जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए उचित कार्रवाई करेगा। साथ ही भालू के हमले में मारे गए बैल के पशुपालक को विभाग की ओर से नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान सुचिता देवी, दर्शन सिंह, भगत सिंह, मनोज सिंह सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। फोटो सलंग्न



