
जागेश्वर धाम में हथियार के साथ प्रवेश पर विवाद, ASI ने शुरू की जांच
हिम उत्तराखंड न्यूज संपादक
जागेश्वर धाम में एक प्रशासनिक दौरे के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब अविनाश सिंह मंदिर के गर्भगृह में पूजा के लिए पहुंचे और उनके साथ एक सुरक्षाकर्मी हथियार (कार्बाइन) के साथ अंदर मौजूद रहा। इस घटना ने धार्मिक मर्यादाओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुजारियों और स्थानीय लोगों का विरोध
मंदिर से जुड़े पुजारियों और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि गर्भगृह जैसे पवित्र स्थल में किसी भी प्रकार का हथियार ले जाना परंपराओं के खिलाफ है। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि आपत्ति के बावजूद अधिकारियों ने सुरक्षा का हवाला देकर प्रवेश किया, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
पुजारियों ने यह भी कहा कि पहले कई बड़े नेता और अधिकारी यहां दर्शन करने आए, लेकिन कभी भी गर्भगृह में हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।
ASI ने माना नियमों का उल्लंघन
इस पूरे मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने सख्त रुख अपनाया है। देहरादून सर्किल के अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में हथियार ले जाना नियमों के खिलाफ है। विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।
सख्त नियम लागू करने की मांग
मंदिर प्रशासन और संतों ने इस घटना के बाद प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की है कि मंदिर परिसर में हथियारों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही प्रवेश द्वार पर स्पष्ट नियमावली प्रदर्शित करने और वीआईपी व आम श्रद्धालुओं के लिए एक समान नियम लागू करने की बात कही गई है।
महामंडलेश्वर हेमंत भट्ट ने कहा कि जागेश्वर धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसे में किसी भी तरह का विशेषाधिकार धार्मिक वातावरण को प्रभावित करता है।
इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और परंपराओं के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है।



