
लोकरंग उत्सव’ “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने वाला मंच- अजेय कुमार
हिम उत्तराखंड न्यूज ब्यूरो
देहरादून में ‘लोकरंग उत्सव 2026’ का आगाज, देशभर की लोक संस्कृति एक मंच पर
देहरादून बना लोक संस्कृति का संगम, लोकरंग उत्सव 2026 का शुभारंभ
देहरादून स्थित सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज में बुधवार को ‘लोकरंग उत्सव 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ।उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, पटियाला (संस्कृति मंत्रालय) द्वारा आयोजित इस उत्सव का उद्देश्य देश की समृद्ध लोक एवं जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाना और विविधता में एकता के सूत्र को सुदृढ़ करना है। गढ़वाल मंडल में 25 मार्च से 30 मार्च 2026 तक आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव की शुरुआत देहरादून से हुई, जहां देशभर से आए कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अजय कुमार (संगठन महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड), जरनैल सिंह (सहायक निदेशक, उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला), विशिष्ट अतिथि आदित्य चौहान (प्रदेश मंत्री, भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड) एवं डॉ. राकेश भट्ट (डायरेक्टर, उत्सव ग्रुप एवं प्रोफेसर, दून यूनिवर्सिटी), सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजे के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी सहित अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजे के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने अतिथियों का पारंपरिक स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं। और संस्थान के लिए यह गर्व का विषय है कि उसे इस राष्ट्रीय स्तर के उत्सव का हिस्सा बनने का अवसर मिला।
मुख्य अतिथि अजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी लोक कला और संगीत में बसती है। उन्होंने ‘लोकरंग उत्सव’ को “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को साकार करने वाला मंच बताते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों की लोक परंपराओं का एक मंच पर संगम भारत की सांस्कृतिक एकता और समृद्धि का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का भी आह्वान किया।
उत्सव में विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उत्तराखंड के पारंपरिक लोक नृत्य और संगीत ने पहाड़ की जीवंतता को दर्शाया, वहीं जम्मू-कश्मीर और हरियाणा की लोक गाथाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया। उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि पंजाब की टीम ने ऊर्जावान भांगड़ा प्रस्तुत कर माहौल को उत्साह से भर दिया। गुजरात की रंग-बिरंगी वेशभूषा एवं लोकगीतों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भरा, वहीं राजस्थान के कलाकारों ने अपनी विलुप्त होती लोक कला को मंच पर जीवंत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।कार्यक्रम के अंत में कॉलेज प्रबंधन द्वारा सभी कलाकारों और अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के सहायक निदेशक जरनैल सिंह ने बताया कि यह उत्सव आगामी चार दिनों तक गढ़वाल मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक लोग भारतीय लोक संस्कृति से जुड़ सकें।
कार्यक्रम में उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला सेन्टर के समन्वयक प्रकाश बिष्ट, सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप के प्रबंध निदेशक संजय जोशी, अध्यक्ष रमेश जोशी,प्रशासनिक अधिकारी कर्नल (रिटा.) जे.एस. नेगी, उत्तराखण्ड़ डिफेंस एकेडमी के डायरेक्टर मेजर (रिटा.) ललित सामंत, प्रधानाचार्या चेतना गौतम, उप-प्रधानाचार्या डॉ. प्रेरणा बड़ोनी, डा अंजना गुसाई, डा प्रेरणा गुसाई , नगमा, विशाखा, ख़ुशी , पंकज सजवान,सुनील बिष्ट, सहित विभिन्न शिक्षक एवं 1000 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



