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प्रशिक्षण शिविर में युवाओं को जीवन रक्षा के मूल मंत्र सिखाए

प्रशिक्षण शिविर में युवाओं को जीवन रक्षा के मूल मंत्र दिखाए

हिम उत्तराखंड न्यूज ब्यूरो

गुड सेमेरिटन कानून और सड़क नियमों के पालन पर दिया विशेष जोर

देहरादून। स्काउट गाइड के प्रादेशिक मुख्यालय भोपालपानी में संचालित युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत सड़क सुरक्षा विषय पर एक प्रभावशाली जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवा आपदा मित्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वर्तमान में चल रहे 11वें बैच में 76 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिन्हें आपदा प्रबंधन के साथ-साथ जीवन रक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है।इस अवसर पर जिला टिहरी गढ़वाल के सड़क सुरक्षा समन्वयक राजेंद्र सिंह रुक्मणी ने युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने देश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए बताया कि 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की मृत्यु दर सबसे अधिक है, जो समाज और देश के भविष्य के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश मामले लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं, जिन्हें जागरूकता और अनुशासन से काफी हद तक रोका जा सकता है।रुक्मणी ने युवाओं को सुरक्षित यातायात के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाते हुए हेलमेट का अनिवार्य उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी, शराब पीकर वाहन न चलाने, नाबालिगों को वाहन न देने और सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां बड़े हादसों को टाल सकती हैं।इसके साथ ही उन्होंने गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) कानून की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया में अनावश्यक रूप से नहीं उलझाया जाएगा। उन्होंने युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में इस कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक लोग दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आ सकें और मृत्यु दर को कम किया जा सके।कार्यक्रम में जगन्नाथ गोस्वामी (एएलटी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त अल्मोड़ा), महेंद्र सिंह बिष्ट (ट्रेनर, जीआईसी मेलचोरी गैरसैंण चमोली), मंजू आर शाह (जीआईसी ताड़ीखेत अल्मोड़ा), बीना जोशी (जीआईसी डौर पिथौरागढ़) सहित अन्य प्रशिक्षकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने भी प्रशिक्षण को सफल बनाने में योगदान दिया।

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