
ग्रीष्मकाल की चुनौतियों से निपटने को प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए कड़े निर्देश
हिम उत्तराखंड न्यूज ब्यूरो
लू, वनाग्नि, जल संकट और बिजली व्यवस्था पर विशेष फोकस, सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश
चम्पावत। जनपद में आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में लू (हीट वेव), वनाग्नि, संभावित सूखा तथा अन्य मौसमी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि लू से बचाव के लिए आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही विशेष रूप से निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से रखी जाए। इसके अलावा पुलिस एवं वन विभाग के मैदानी कार्मिकों के लिए भी हीट वेव से बचाव हेतु जरूरी दवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया।वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने वन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं कृषि विभाग को संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार रखने को कहा गया।खेल विभाग को निर्देशित किया गया कि ग्रीष्मकालीन खेल शिविरों में भाग लेने वाले बच्चों और खिलाड़ियों के लिए पेयजल, छाया और स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि जल आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की व्यवस्था और खराब हैंडपंपों की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित की जाए।यूपीसीएल को निर्देशित किया गया कि ग्रीष्मकाल में बढ़ते विद्युत भार को ध्यान में रखते हुए अग्रिम योजना बनाकर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वहीं सड़क एवं निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए नियमित पानी का छिड़काव करने के निर्देश भी दिए गए।पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को अधिक से अधिक पौधारोपण करने पर बल दिया गया। साथ ही नगर निकायों को नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों के कटान और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि गर्मियों में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनसुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, एसडीओ फॉरेस्ट सुनील कुमार, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन बिष्ट, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल विजय सकारिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



