
हिम उत्तराखंड न्यूज ब्यूरो:– अल्मोड़ा। सच्चा इंतजार और अटूट विश्वास आखिरकार रंग लाते हैं—इस बात को स्याल्दे ब्लॉक के चक केलानी गांव की एक भावुक कहानी ने फिर साबित कर दिया है। करीब 30 साल पहले घर छोड़कर गए महिपाल सिंह रजवार अब अपने परिवार के पास लौट आए हैं। इस चमत्कारिक मिलन में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिपाल सिंह रजवार का विवाह वर्ष 1993 में मीना से हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उनके 11 दिन के नवजात बेटे का निधन हो गया। हालांकि 1995 में उनके घर बेटी का जन्म हुआ, जिससे परिवार को कुछ खुशी मिली।
इसी दौरान महिपाल रोजगार के लिए दिल्ली चले गए, जहां वह एक निजी कंपनी में काम करने लगे। शुरुआत में उनका परिवार से संपर्क बना रहा, लेकिन बाद में वे कर्नाटक चले गए और धीरे-धीरे उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिवार ने उन्हें खोजने की कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
समय बीतता गया, लेकिन मीना ने उम्मीद नहीं छोड़ी। आखिरकार पिछले महीने एक नई उम्मीद जगी, जब महिपाल के भाई हरीश रजवार ने सोशल मीडिया पर उनकी तलाश से जुड़ी एक पोस्ट साझा की। चौंकाने वाली बात यह रही कि खुद महिपाल ने उस पोस्ट को लाइक किया। इसके बाद परिवार ने उनसे संपर्क किया और बातचीत के जरिए उनकी पहचान की पुष्टि हुई।
16 मार्च को हरीश रजवार दिल्ली जाकर अपने भाई से मिले और 29 मार्च को उन्हें गांव वापस लेकर आए। तीन दशक बाद हुए इस भावुक मिलन ने पूरे परिवार को भाव-विभोर कर दिया।
हालांकि इन 30 वर्षों में महिपाल कहां रहे और किन परिस्थितियों में घर से दूर रहे, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कुछ लोग मानते हैं कि वे वैराग्य की भावना के कारण घर नहीं लौटे।
यह पुनर्मिलन अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे चमत्कारिक घटना मानते हुए मीना के धैर्य, विश्वास और प्रेम की सराहना कर रहे हैं।



